तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल
तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल
दोहा ५० · उत्तरकाण्ड
दोहा पाठ
तेहिं अवसर मुनि नारद आए करतल बीन। गावन लगे राम कल कीरति सदा नबीन॥ ५० ॥
अर्थ
उसी अवसर पर नारद मुनि हाथ में वीणा लिये हुए आये। वे श्रीरामजी की सुन्दर और नित्य नवीन रहनेवाली कीर्ति गाने लगे।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “नारद की स्तुति और प्रस्थान” प्रकरण का दोहा ५० है। इस प्रकरण में देवर्षि नारद द्वारा श्रीराम के दर्शन, स्तुति-गान और ब्रह्मलोक प्रस्थान का वर्णन है।
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नारद की स्तुति और प्रस्थान