सुमन बाटिका सबहिं लगाईं

चौपाई १, दोहा २८ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

सुमन बाटिका सबहिं लगाईं। बिबिध भाँति करि जतन बनाईं॥ लता ललित बहु जाति सुहाईं। फूलहिं सदा बसंत कि नाईं॥ १ ॥

अर्थ

सभी लोगों ने भिन्न-भिन्न प्रकार की पुष्पों की वाटिकाएँ यत्न करके लगा रखी हैं, जिनमें बहुत जातियों की सुन्दर और ललित लताएँ सदा बसन्त की नाईं फूलती रहती हैं।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चारों भाइयों के पुत्रजन्म, अयोध्या की शोभा और सनकादि मुनियों के श्रीराम से परम तत्त्व संवाद का वर्णन है।

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पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन