सोउ जाने कर फल यह लीला
सोउ जाने कर फल यह लीला
चौपाई ३, दोहा २२ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
सोउ जाने कर फल यह लीला। कहहिं महा मुनिबर दमसीला॥ राम राज कर सुख संपदा। बरनि न सकइ फनीस सारदा॥ ३ ॥
अर्थ
क्योंकि उस महिमा को भी जानने का फल यह लीला (इस लीला का अनुभव) ही है, इन्द्रियों का दमन करनेवाले श्रेष्ठ महामुनि ऐसा कहते हैं। राम-राज्य की सुख-सम्पत्ति का वर्ण शेषजी और सरस्वतीजी भी नहीं कर सकते।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “रामराज्य का वर्णन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामराज्य में धर्म, सुख, समृद्धि और प्रजा के कल्याण का वर्णन है।
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रामराज्य का वर्णन