संत सहहिं दुख पर हित लागी
संत सहहिं दुख पर हित लागी
चौपाई ८, दोहा १२१ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
संत सहहिं दुख पर हित लागी। पर दुख हेतु असंत अभागी॥ भूर्ज तरू सम संत कृपाला। पर हित निति सह बिपति बिसाला॥ ८ ॥
अर्थ
संत दूसरों की भलाई के लिये दुःख सहते हैं और अभागे असंत दूसरों को दुःख पहुँचाने के लिये। कृपालु संत भूर्जतरु के समान दूसरों के हित के लिये भारी विपत्ति सहते हैं।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “गरुड़ के सात प्रश्न और उत्तर” प्रकरण का चौपाई ८, दोहा १२१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में गरुड़ के सात प्रश्नों पर काकभुशुण्डि का आध्यात्मिक उपदेश का वर्णन है।
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गरुड़ के सात प्रश्न और उत्तर