रहा एक दिन अवधि कर अति
रहा एक दिन अवधि कर अति
दोहा १ · उत्तरकाण्ड
दोहा पाठ
रहा एक दिन अवधि कर अति आरत पुर लोग। जहँ तहँ सोचहिं नारि नर कृस तन राम बियोग॥ १ ॥
अर्थ
[ श्रीरामजी के लौटने की] अवधि का एक ही दिन बाकी रह गया, अतएव नगर के लोग बहुत आतुर (अधीर) हो रहे हैं। राम के वियोग में दुबले हुए स्त्री-पुरुष जहाँ-तहाँ सोच (विचार) कर रहे हैं [कि क्या बात है, श्रीरामजी क्यों नहीं आये]।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “मंगलाचरण” प्रकरण का दोहा १ है। इस प्रकरण में उत्तरकाण्ड के आरंभ में प्रभु राम, गुरु और संतों की पवित्र वंदना तथा राम के आगमन के शुभ शकुनों का वर्णन है।
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मंगलाचरण