पूरन काम राम अनुरागी
पूरन काम राम अनुरागी
चौपाई ३, दोहा १२५ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
पूरन काम राम अनुरागी। तुम्ह सम तात न कोउ बड़भागी॥ संत बिटप सरिता गिरि धरनी। पर हित हेतु सबन्ह कै करनी॥ ३ ॥
अर्थ
आप पूर्णकाम हैं और श्रीरामजी के अनुरागी हैं। हे तात! आपके समान कोई बड़भागी नहीं है। संत, वृक्ष, नदी, पर्वत और पृथ्वी—इन सबकी करनी परहित के लिये ही होती है।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “रामायण माहात्म्य और फलस्तुति” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १२५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामायण की महिमा, तुलसीदास की विनय और पाठ-श्रवण के पुण्यफल का वर्णन है।
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रामायण माहात्म्य और फलस्तुति