नव ग्रह निकर अनीक बनाई

चौपाई ३, दोहा २७ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड

चौपाई पाठ

नव ग्रह निकर अनीक बनाई। जनु घेरी अमरावति आई॥ महि बहु रंग रचित गच काँचा। जो बिलोकि मुनिबर मन नाचा॥ ३ ॥

अर्थ

मानो नवग्रहोंने बड़ी भारी सेना बनाकर अमरावती को आकर घेर लिया हो। पृथ्वी पर अनेकों रंगों के काँचों (रत्नों) की गच बनायी गयी है, जिसे देखकर श्रेष्ठ मुनियों का मन नाच उठता है।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में चारों भाइयों के पुत्रजन्म, अयोध्या की शोभा और सनकादि मुनियों के श्रीराम से परम तत्त्व संवाद का वर्णन है।

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पुत्रजन्म, सनकादि का आगमन