कलि मल मथन नाम ममताहन
कलि मल मथन नाम ममताहन
चौपाई ५, दोहा ५१ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
कलि मल मथन नाम ममताहन। तुलसिदास प्रभु पाहि प्रनत जन॥ ५ ॥
अर्थ
आपका नाम कलियुग के पापों को मथ डालनेवाला और ममता को मारनेवाला है। हे तुलसीदास के प्रभु! शरणागत की रक्षा कीजिये।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “नारद की स्तुति और प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ५१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवर्षि नारद द्वारा श्रीराम के दर्शन, स्तुति-गान और ब्रह्मलोक प्रस्थान का वर्णन है।
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नारद की स्तुति और प्रस्थान