छन महिं सबहि मिले भगवाना
छन महिं सबहि मिले भगवाना
चौपाई ४, दोहा ६ के अंतर्गत · उत्तरकाण्ड
चौपाई पाठ
छन महिं सबहि मिले भगवाना। उमा मरम यह काहुँ न जाना॥ एहि बिधि सबहि सुखी करि रामा। आगें चले सील गुन धामा॥ ४ ॥
अर्थ
भगवान् क्षणमात्र में सबसे मिल लिये। हे उमा! यह रहस्य किसी ने नहीं जाना। इस प्रकार सबको सुखी करके शील और गुणों के धाम श्रीराम आगे चले।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “राम का स्वागत, भरत मिलाप” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के स्वागत और भरत मिलाप के आनंदमय प्रसंग का वर्णन है।
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राम का स्वागत, भरत मिलाप