बैनतेय सुनु संभु तब आए जहँ

दोहा १३ (ख) · उत्तरकाण्ड

दोहा पाठ

बैनतेय सुनु संभु तब आए जहँ रघुबीर। बिनय करत गदगद गिरा पूरित पुलक सरीर॥ १३ (ख) ॥

अर्थ

[काकभुशुण्डिजी कहते हैं—] हे गरुड़जी! सुनिये, तब शिवजी वहाँ आये जहाँ श्रीरघुवीर थे और गद्गद वाणी से स्तुति करने लगे। उनका शरीर पुलकावली से पूर्ण हो गया।

संदर्भ

यह उत्तरकाण्ड के “राम राज्याभिषेक और स्तुति” प्रकरण का दोहा १३ (ख) है। इस प्रकरण में श्रीराम के दिव्य राज्याभिषेक और वेद तथा शिवजी द्वारा प्रभु की स्तुति का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
राम राज्याभिषेक और स्तुति