सब के देखत बेदन्ह बिनती कीन्हि
सब के देखत बेदन्ह बिनती कीन्हि
दोहा १३ (क) · उत्तरकाण्ड
दोहा पाठ
सब के देखत बेदन्ह बिनती कीन्हि उदार। अंतर्धान भए पुनि गए ब्रह्म आगार॥ १३ (क) ॥
अर्थ
वेदों ने सब के देखते यह श्रेष्ठ विनती की। फिर वे अन्तर्धान हो गये और ब्रह्मलोक को चले गये।
संदर्भ
यह उत्तरकाण्ड के “राम राज्याभिषेक और स्तुति” प्रकरण का दोहा १३ (क) है। इस प्रकरण में श्रीराम के दिव्य राज्याभिषेक और वेद तथा शिवजी द्वारा प्रभु की स्तुति का वर्णन है।
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राम राज्याभिषेक और स्तुति