सीता मन भरोस तब भयऊ
सीता मन भरोस तब भयऊ
चौपाई ५, दोहा १६ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
सीता मन भरोस तब भयऊ। पुनि लघु रूप पवनसुत लयऊ॥ ५ ॥
अर्थ
तब (उसे देखकर) सीताजी के मन में विश्वास हुआ। हनुमानजी ने फिर छोटा रूप धारण कर लिया।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “श्रीसीता-हनुमान संवाद” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा १६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी को श्रीराम की मुद्रिका और संदेश देने तथा उनके प्रभु-आगमन की आशा का संवाद का वर्णन है।
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श्रीसीता-हनुमान संवाद