सीता कै अति बिपति बिसाला
सीता कै अति बिपति बिसाला
चौपाई ५, दोहा ३१ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड
चौपाई पाठ
सीता कै अति बिपति बिसाला। बिनहिं कहें भलि दीनदयाला॥ ५ ॥
अर्थ
सीताजी की विपत्ति बहुत बड़ी है। हे दीनदयालु! वह बिना कहे ही अच्छी है (कहने से आपको बड़ा क्लेश होगा)।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “हनुमानजी का लौटना और राम को संदेश” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ३१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी का समुद्र पार लौटना, मधुवन प्रवेश, सुग्रीव मिलन और श्रीराम को सीता का संदेश व चूड़ामणि अर्पण का वर्णन है।
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हनुमानजी का लौटना और राम को संदेश