प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा

चौपाई १, दोहा ३५ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

प्रभु पद पंकज नावहिं सीसा। गर्जहिं भालु महाबल कीसा॥ देखी राम सकल कपि सेना। चितइ कृपा करि राजिव नैना॥ १ ॥

अर्थ

वे प्रभु के चरणकमलों में सिर नवाते हैं। महान् बलवान् रीछ और वानर गरज रहे हैं। श्रीरामजी ने वानरों की सारी सेना देखी। तब कमलनेत्रों से कृपापूर्वक उनकी ओर दृष्टि डाली।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “राम की सेना समुद्र तट पर” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ३५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामजी का वानर सेना सहित समुद्र तट पर शुभ प्रस्थान और पहुँचने का वर्णन है।

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राम की सेना समुद्र तट पर