निसिचर मारि तोहि लै जैहहिं

चौपाई ३, दोहा १६ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

निसिचर मारि तोहि लै जैहहिं। तिहुँ पुर नारदादि जसु गैहहिं॥ हैं सुत कपि सब तुम्हहि समाना। जातुधान अति भट बलवाना॥ ३ ॥

अर्थ

और राक्षसों को मारकर आपको ले जायँगे। नारद आदि [ऋषि-मुनि] तीनों लोकों में उनका यश गाएँगे। [सीताजी ने कहा--] हे पुत्र! सब वानर तुम्हारे ही समान (नन्हें-नन्हें-से) होंगे, राक्षस तो बड़े बलवान योद्धा हैं।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “श्रीसीता-हनुमान संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी को श्रीराम की मुद्रिका और संदेश देने तथा उनके प्रभु-आगमन की आशा का संवाद का वर्णन है।

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श्रीसीता-हनुमान संवाद