निज पद नयन दिएँ मन राम

दोहा ८ · सुन्दरकाण्ड

दोहा पाठ

निज पद नयन दिएँ मन राम पद कमल लीन। परम दुखी भा पवनसुत देखि जानकी दीन॥ ८ ॥

अर्थ

श्रीजानकीजी नेत्रों को अपने चरणों में लगाये हुए हैं (नीचे की ओर देख रही हैं) और मन श्रीरामजी के चरणकमलों में लीन है। जानकीजी को दीन (दुखी) देखकर पवनपुत्र हनुमानजी बहुत ही दुखी हुए।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “हनुमान का सीता दर्शन, रावण का धमकाना” प्रकरण का दोहा ८ है। इस प्रकरण में अशोकवाटिका में हनुमान का सीता-दर्शन और रावण द्वारा साम-दाम-भय से सीताजी को विचलित करने के प्रयास का वर्णन है।

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हनुमान का सीता दर्शन, रावण का धमकाना