हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत
हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत
दोहा २५ · सुन्दरकाण्ड
दोहा पाठ
हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास। अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास॥ २५ ॥
अर्थ
उस समय भगवान् की प्रेरणा से उनचासों पवन चलने लगे। हनुमानजी अट्टहास करके गर्जे और बढ़कर आकाश से जा लगे।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “लंका दहन” प्रकरण का दोहा २५ है। इस प्रकरण में हनुमानजी द्वारा पूँछ की अग्नि से समस्त लंका दहन का वर्णन है।
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लंका दहन