देह बिसाल परम हरुआई

चौपाई १, दोहा २६ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

देह बिसाल परम हरुआई। मंदिर तें मंदिर चढ़ धाई॥ जरइ नगर भा लोग बिहाला। झपट लपट बहु कोटि कराला॥ १ ॥

अर्थ

देह बड़ी विशाल, परन्तु परम हलकी है। वे दौड़कर एक महल से दूसरे महल पर चढ़ जाते हैं। नगर जल रहा है, लोग बेहाल हो गये हैं। झपट-लपट की बहुत-सी करोड़ों भयंकर लपटें उठ रही हैं।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “लंका दहन” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमानजी द्वारा पूँछ की अग्नि से समस्त लंका दहन का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
लंका दहन