एहि बिधि सो दच्छिन दिसि जाई

चौपाई ३, दोहा ११ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि बिधि सो दच्छिन दिसि जाई। लंका मनहुँ बिभीषन पाई॥ नगर फिरी रघुबीर दोहाई। तब प्रभु सीता बोलि पठाई॥ ३ ॥

अर्थ

इस प्रकार से वह दक्षिण दिशा को जा रहा है और मानो लंका विभीषण ने पा ली है। नगर में श्रीरामचन्द्रजी की दुहाई फिर गयी। तब प्रभु ने सीताजी को बुला भेजा।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “श्रीसीता-त्रिजटा संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ११ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीता और त्रिजटा के संवाद तथा शुभ स्वप्न द्वारा आशा का संचार का वर्णन है।

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श्रीसीता-त्रिजटा संवाद