बार बार पद लागउँ बिनय करउँ

दोहा ३९ (क) · सुन्दरकाण्ड

दोहा पाठ

बार बार पद लागउँ बिनय करउँ दससीस। परिहरि मान मोह मद भजहु कोसलाधीस॥ ३९ (क) ॥

अर्थ

हे दशशीश! मैं बार-बार आपके चरणों में लगता हूँ और विनती करता हूँ कि मान, मोह और मद को त्यागकर आप कोसलपति श्रीरामजी का भजन कीजिये।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “विभीषण की रावण को सलाह” प्रकरण का दोहा ३९ (क) है। इस प्रकरण में विभीषण द्वारा रावण को नीति-उपदेश और रावण के अपमान के बाद विभीषण का लंका-त्याग निश्चय का वर्णन है।

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विभीषण की रावण को सलाह