बैठेउ सभाँ खबरि असि पाई

चौपाई ४, दोहा ३७ के अंतर्गत · सुन्दरकाण्ड

चौपाई पाठ

बैठेउ सभाँ खबरि असि पाई। सिंधु पार सेना सब आई॥ बूझेसि सचिव उचित मत कहहू। ते सब हँसे मष्ट करि रहहू॥ ४ ॥

अर्थ

ज्यों ही वह सभामें जाकर बैठा, उसने ऐसी खबर पायी कि शत्रु की सारी सेना समुद्र के उस पार आ गयी है। उसने मन्त्रियों से पूछा कि उचित सलाह कहिये [अब क्या करना चाहिये ?]। तब वे सब हँसे और बोले कि चुप किये रहिये (इसमें सलाह की कौन-सी बात है?)।

संदर्भ

यह सुन्दरकाण्ड के “मंदोदरी-रावण संवाद” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ३७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को सीता लौटाने और राम के सामर्थ्य की चेतावनी का वर्णन है।

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मंदोदरी-रावण संवाद