अस मैं अधम सखा सुनु मोहू
अस मैं अधम सखा सुनु मोहू
दोहा ७ · सुन्दरकाण्ड
दोहा पाठ
अस मैं अधम सखा सुनु मोहू पर रघुबीर। कीन्ही कृपा सुमिरि गुन भरे बिलोचन नीर॥ ७ ॥
अर्थ
हे सखा! सुनिए, मैं ऐसा अधम हूँ; पर श्रीरामचन्द्रजी ने तो मुझ पर भी कृपा ही की है। भगवान के गुणों का स्मरण करके हनुमानजी के दोनों नेत्रों में [प्रेमाश्रुओं का] जल भर आया।
संदर्भ
यह सुन्दरकाण्ड के “हनुमान-विभीषण संवाद” प्रकरण का दोहा ७ है। इस प्रकरण में लंका में हनुमानजी और विभीषण की भेंट तथा राम-भक्ति से पूर्ण संवाद का वर्णन है।
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हनुमान-विभीषण संवाद