उग्र बचन सुनि सकल डेराने

चौपाई ५, दोहा ४२ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

उग्र बचन सुनि सकल डेराने। चले क्रोध करि सुभट लजाने॥ सन्मुख मरन बीर कै सोभा। तब तिन्ह तजा प्रान कर लोभा॥ ५ ॥

अर्थ

रावण के उग्र वचन सुनकर सब डर गये और लज्जित होकर क्रोध में युद्ध के लिये लौट चले। सम्मुख मरने में ही वीर की शोभा है। तब उन्होंने प्राणों का लोभ छोड़ दिया।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ४२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।

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युद्धारम्भ