बहु आयुध धर सुभट सब भिरहिं
बहु आयुध धर सुभट सब भिरहिं
दोहा ४२ · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
बहु आयुध धर सुभट सब भिरहिं पचारि पचारि। ब्याकुल किए भालु कपि परिघ त्रिसूलन्हि मारि॥ ४२ ॥
अर्थ
बहुत-से अस्त्र-शस्त्र धारण किये सब वीर ललकार-ललकारकर भिड़ने लगे। परिघों और त्रिशूलों से मार-मारकर उन्होंने सब रीछ-वानरों को व्याकुल कर दिया।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का दोहा ४२ है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।
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युद्धारम्भ