तात कुसल कहु सुखनिधान की
तात कुसल कहु सुखनिधान की
चौपाई १, दोहा ६० के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
तात कुसल कहु सुखनिधान की। सहित अनुज अरु मातु जानकी॥ कपि सब चरित समास बखाने। भए दुखी मन महुँ पछिताने॥ १ ॥
अर्थ
[ भरतजी बोले--] हे तात! छोटे भाई लक्ष्मण तथा माता जानकी सहित सुखनिधान श्रीरामजी की कुशल कहो। कपि (हनुमानजी) ने संक्षेप में सब चरित बखाने। सुनकर भरतजी दुखी हुए और मन में पछिताने लगे।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “भरत का बाण, हनुमान-भरत संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ६० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में औषधि लेकर लौटते हनुमान पर भरत के बाण का प्रहार और उनके बीच भावपूर्ण मिलन-संवाद का वर्णन है।
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भरत का बाण, हनुमान-भरत संवाद