तब दसकंठ बिबिधि बिधि समुझाईं सब
तब दसकंठ बिबिधि बिधि समुझाईं सब
दोहा ७७ · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
तब दसकंठ बिबिधि बिधि समुझाईं सब नारि। नस्वर रूप जगत सब देखहु हृदयँ बिचारि॥ ७७ ॥
अर्थ
तब दसकंठ ने विविध विधि से सब नारियों को समझाया। नश्वर रूप जगत को सब देखो, हृदय में विचार कर॥
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मेघनाद के यज्ञ का विध्वंस और उद्धार” प्रकरण का दोहा ७७ है। इस प्रकरण में मेघनाद के यज्ञ के विध्वंस, भीषण युद्ध और प्रभु-कृपा से उसके उद्धार का वर्णन है।
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मेघनाद के यज्ञ का विध्वंस और उद्धार