सुनु सर्बग्य सकल उर बासी
सुनु सर्बग्य सकल उर बासी
चौपाई २, दोहा १७ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनु सर्बग्य सकल उर बासी। बुधि बल तेज धर्म गुन रासी॥ मंत्र कहउँ निज मति अनुसारा। दूत पठाइअ बालिकुमारा॥ २ ॥
अर्थ
हे सर्वज्ञ (सब कुछ जाननेवाले)! हे सबके हृदय में बसनेवाले (अन्तर्यामी)! हे बुद्धि, बल, तेज, धर्म और गुणों की राशि! सुनिये! मैं अपनी बुद्धि के अनुसार सलाह देता हूँ कि बालिकुमार अंगद को दूत बनाकर भेजा जाय।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का राम-महिमा कथन” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को श्रीराम की दिव्य महिमा बताकर वैर छोड़ने की विनती का वर्णन है।
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मंदोदरी का राम-महिमा कथन