नीक मंत्र सब के मन माना
नीक मंत्र सब के मन माना
चौपाई ३, दोहा १७ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
नीक मंत्र सब के मन माना। अंगद सन कह कृपानिधाना॥ बालितनय बुधि बल गुन धामा। लंका जाहु तात मम कामा॥ ३ ॥
अर्थ
यह अच्छी सलाह सब के मन में जँच गयी। कृपा के निधान श्रीरामजी ने अंगद से कहा--हे बल, बुद्धि और गुणों के धाम बालिपुत्र! हे तात! तुम मेरे काम के लिये लंका जाओ।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का राम-महिमा कथन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को श्रीराम की दिव्य महिमा बताकर वैर छोड़ने की विनती का वर्णन है।
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मंदोदरी का राम-महिमा कथन