सुग्रीवहु कै मुरुछा बीती
सुग्रीवहु कै मुरुछा बीती
चौपाई ३, दोहा ६६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
सुग्रीवहु कै मुरुछा बीती। निबुकि गयउ तेहि मृतक प्रतीती॥ काटेसि दसन नासिका काना। गरजि अकास चलेउ तेहिं जाना॥ ३ ॥
अर्थ
सुग्रीव की भी मूर्छा दूर हुई, तब वे [मुर्दे-से होकर] खिसक गये (काँख से नीचे गिर पड़े)। कुम्भकर्ण ने उनको मृतक जाना। उन्होंने कुम्भकर्ण के नाक-कान दाँतों से काट लिये और फिर गरजकर आकाश की ओर चले, तब कुम्भकर्ण ने जाना।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “कुंभकर्ण युद्ध और उसकी परमगति” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ६६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कुंभकर्ण के प्रचंड पराक्रम और श्रीराम के हाथों उसकी परमगति का वर्णन है।
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कुंभकर्ण युद्ध और उसकी परमगति