सो सब प्रिया सहज बस मोरें
सो सब प्रिया सहज बस मोरें
चौपाई ३, दोहा १६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
सो सब प्रिया सहज बस मोरें। समुझि परा प्रसाद अब तोरें॥ जानिउँ प्रिया तोरि चतुराई। एहि बिधि कहहु मोरि प्रभुताई॥ ३ ॥
अर्थ
हे प्रिये! वह सब (यह चराचर विश्व तो) स्वभाव से ही मेरे वश में है। तेरी कृपा से मुझे यह अब समझ पड़ा। हे प्रिये! तेरी चतुराई मैं जान गया। तू इस प्रकार (इसी बहाने) मेरी प्रभुता का बखान कर रही है।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का राम-महिमा कथन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को श्रीराम की दिव्य महिमा बताकर वैर छोड़ने की विनती का वर्णन है।
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मंदोदरी का राम-महिमा कथन