सो माया रघुबीरहि बाँची
सो माया रघुबीरहि बाँची
चौपाई ४, दोहा ८९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
सो माया रघुबीरहि बाँची। लछिमन कपिन्ह सो मानी साँची॥ देखी कपिन्ह निसाचर अनी। अनुज सहित बहु कोसलधनी॥ ४ ॥
अर्थ
उस माया से केवल श्रीरघुवीर ही बचे। लक्ष्मण और वानरों ने उसे सच मान लिया। वानरों ने राक्षसों की सेना में भाई लक्ष्मणजी सहित बहुत-से रामों को देखा।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ८९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में इंद्र के दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्रीराम और रावण का घोर युद्ध का वर्णन है।
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इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध