सिंधु पार प्रभु डेरा कीन्हा

चौपाई २, दोहा ५ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

सिंधु पार प्रभु डेरा कीन्हा। सकल कपिन्ह कहुँ आयसु दीन्हा॥ खाहु जाइ फल मूल सुहाए। सुनत भालु कपि जहँ तहँ धाए॥ २ ॥

अर्थ

प्रभु ने समुद्र के पार डेरा डाला और सब वानरों को आज्ञा दी कि तुम जाकर सुन्दर फल-मूल खाओ। यह सुनते ही रीछ-वानर जहाँ-तहाँ दौड़ पड़े।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “राम का समुद्र पार, सुबेल पर निवास” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम का सेना सहित समुद्र पार कर सुबेल पर्वत पर डेरा और रावण की व्याकुलता का वर्णन है।

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राम का समुद्र पार, सुबेल पर निवास