सिंधु बचन सुनि राम सचिव बोलि

सोरठा ० (ख) · लंकाकाण्ड

सोरठा पाठ

सिंधु बचन सुनि राम सचिव बोलि प्रभु अस कहेउ। अब बिलंबु केहि काम करहु सेतु उतरै कटकु॥ ० (ख) ॥

अर्थ

समुद्र के वचन सुनकर प्रभु श्रीरामजी ने मन्त्रियों को बुलाकर ऐसा कहा--अब विलम्ब किसलिए हो रहा है? सेतु (पुल) तैयार करो, जिसमें सेना उतरे।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “सेतु निर्माण और रामेश्वर स्थापना” प्रकरण का सोरठा ० (ख) है। इस प्रकरण में नल-नील द्वारा सेतु निर्माण और श्रीरामेश्वर की स्थापना का वर्णन है।

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सेतु निर्माण और रामेश्वर स्थापना