प्रगटेसि बिपुल हनुमान
प्रगटेसि बिपुल हनुमान
छन्द ७, दोहा १०१ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
छन्द पाठ
प्रगटेसि बिपुल हनुमान। धाए गहे पाषान। तिन्ह रामु घेरे जाइ। चहुँ दिसि बरूथ बनाइ॥ ७ ॥
अर्थ
उसने बहुत-से हनुमान् प्रकट किये, जो पत्थर लिये दौड़े। उन्होंने चारों ओर दल बनाकर श्रीरामचन्द्रजी को जा घेरा।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “राम-रावण युद्ध, रावण वध” प्रकरण का छन्द ७, दोहा १०१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम-रावण के निर्णायक युद्ध और रावण वध के बाद देवताओं की जयध्वनि का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
राम-रावण युद्ध, रावण वध