परम चतुरता श्रवन सुनि बिहँसे रामु

दोहा ३८ (ख) · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

परम चतुरता श्रवन सुनि बिहँसे रामु उदार। समाचार पुनि सब कहे गढ़ के बालिकुमार॥ ३८ (ख) ॥

अर्थ

अंगद की परम चतुरता [पूर्ण उक्ति] कानों से सुनकर उदार श्रीरामचन्द्रजी हँसने लगे। फिर बालिकुमार ने किले के सब समाचार कहे।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का रावण को पुनः समझाना” प्रकरण का दोहा ३८ (ख) है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को धर्म, नीति और राम के अतुल बल का स्मरण, किन्तु रावण का अहंकारवश अस्वीकार का वर्णन है।

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मंदोदरी का रावण को पुनः समझाना