नानायुध सर चाप धर जातुधान बल
नानायुध सर चाप धर जातुधान बल
दोहा ४० · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
नानायुध सर चाप धर जातुधान बल बीर। कोट कँगूरन्हि चढ़ि गए कोटि कोटि रनधीर॥ ४० ॥
अर्थ
अनेकों प्रकार के अस्त्र-शस्त्र और धनुष-बाण धारण किये करोड़ों बलवान् और रणधीर राक्षस वीर परकोटे के कँगूरों पर चढ़ गये।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का दोहा ४० है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।
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युद्धारम्भ