मुरुछा बिगत भालु कपि सब आए
मुरुछा बिगत भालु कपि सब आए
दोहा ९८ · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
मुरुछा बिगत भालु कपि सब आए प्रभु पास। निसिचर सकल रावनहि घेरि रहे अति त्रास॥ ९८ ॥
अर्थ
मूर्छा दूर होने पर सब रीछ-वानर प्रभु के पास आये। उधर सब राक्षसों ने बहुत ही भयभीत होकर रावण को घेर लिया।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “घोर युद्ध, रावण की मूर्छा” प्रकरण का दोहा ९८ है। इस प्रकरण में घोर युद्ध में राम के प्रहारों से रावण की मूर्छा और वानर वीरों के पराक्रम का वर्णन है।
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घोर युद्ध, रावण की मूर्छा