मंदोदरी आदि सब देइ तिलांजलि ताहि

दोहा १०५ · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

मंदोदरी आदि सब देइ तिलांजलि ताहि। भवन गईं रघुपति गुन गन बरनत मन माहि॥ १०५ ॥

अर्थ

मन्दोदरी आदि सब स्त्रियाँ उसे (रावण को) तिलांजलि देकर मन में श्रीरघुनाथजी के गुण-समूहों का वर्णन करती हुई भवन को गयीं।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “मन्दोदरी विलाप, रावण की अन्त्येष्टि” प्रकरण का दोहा १०५ है। इस प्रकरण में मन्दोदरी के विलाप और विभीषण द्वारा रावण की अन्त्येष्टि क्रिया का वर्णन है।

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मन्दोदरी विलाप, रावण की अन्त्येष्टि