लछिमन संग जाहु सब भाई
लछिमन संग जाहु सब भाई
चौपाई ४, दोहा ७५ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
लछिमन संग जाहु सब भाई। करहु बिधंस जग्य कर जाई॥ तुम्ह लछिमन मारेहु रन ओही। देखि सभय सुर दुख अति मोही॥ ४ ॥
अर्थ
हे भाइयो! सब लोग लक्ष्मण के साथ जाओ और जाकर यज्ञ का विध्वंस करो। हे लक्ष्मण! संग्राम में तुम उसे मारना। देवताओं को भयभीत देखकर मुझे बड़ा दुःख है।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ७५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मेघनाद के मायावी युद्ध और रामजी के लीला से नागपाश में बँधने का वर्णन है।
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मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना