कह रघुबीर देखु रन सीता

चौपाई ५, दोहा ११९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

कह रघुबीर देखु रन सीता। लछिमन इहाँ हत्यो इँद्रजीता॥ हनूमान अंगद के मारे। रन महि परे निसाचर भारे॥ ५ ॥

अर्थ

श्रीरघुवीर ने कहा—हे सीते! रणभूमि देखो। लक्ष्मण ने यहाँ इन्द्रजीत को मारा था। हनुमान् और अंगद के मारे हुए ये भारी-भारी निशाचर रणभूमि में पड़े हैं।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ११९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-रामजी का पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या की ओर आनंदमयी प्रस्थान का वर्णन है।

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पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान