कुंभकरन रावन द्वौ भाई

चौपाई ६, दोहा ११९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

कुंभकरन रावन द्वौ भाई। इहाँ हते सुर मुनि दुखदाई॥ ६ ॥

अर्थ

देवताओं और मुनियों को दुःख देनेवाले कुम्भकर्ण और रावण दोनों भाई यहाँ मारे गये।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई ६, दोहा ११९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-रामजी का पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या की ओर आनंदमयी प्रस्थान का वर्णन है।

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पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान