जोगिनि गहें करबाल
जोगिनि गहें करबाल
छन्द २, दोहा १०१ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
छन्द पाठ
जोगिनि गहें करबाल। एक हाथ मनुज कपाल। करि सद्य सोनित पान। नाचहिं करहिं बहु गान॥ २ ॥
अर्थ
योगिनियाँ एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में मनुष्य की खोपड़ी लिये ताजा खून पीकर नाचने और बहुत तरह के गीत गाने लगीं।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “राम-रावण युद्ध, रावण वध” प्रकरण का छन्द २, दोहा १०१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम-रावण के निर्णायक युद्ध और रावण वध के बाद देवताओं की जयध्वनि का वर्णन है।
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राम-रावण युद्ध, रावण वध