जामवंत कह बैद सुषेना
जामवंत कह बैद सुषेना
चौपाई ४, दोहा ५५ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
जामवंत कह बैद सुषेना। लंकाँ रहइ को पठई लेना॥ धरि लघु रूप गयउ हनुमंता। आनेउ भवन समेत तुरंता॥ ४ ॥
अर्थ
जाम्बवान ने कहा- लंका में सुषेण वैद्य रहता है, उसे ले आने के लिये किस को भेजा जाय? हनुमानजी छोटा रूप धरकर गये और सुषेण को उसके घर समेत तुरंत ही उठा लाये।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “हनुमान का संजीवनी के लिये प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ५५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में हनुमान द्वारा सुषेण वैद्य को लाना, संजीवनी हेतु प्रस्थान, कालनेमि की माया का भेदन और मकरी-उद्धार का वर्णन है।
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हनुमान का संजीवनी के लिये प्रस्थान