जहँ तहँ थकित करि कीस
जहँ तहँ थकित करि कीस
छन्द ५, दोहा १०१ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
छन्द पाठ
जहँ तहँ थकित करि कीस। गर्जेउ बहुरि दससीस। लछिमन कपीस समेत। भए सकल बीर अचेत॥ ५ ॥
अर्थ
वानरों को जहाँ-तहाँ थकित कर रावण फिर गरजा। लक्ष्मणजी और कपीश समेत सभी वीर अचेत हो गये।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “राम-रावण युद्ध, रावण वध” प्रकरण का छन्द ५, दोहा १०१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम-रावण के निर्णायक युद्ध और रावण वध के बाद देवताओं की जयध्वनि का वर्णन है।
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राम-रावण युद्ध, रावण वध