जातुधान अंगद पन देखी
जातुधान अंगद पन देखी
चौपाई ७, दोहा ३५ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
जातुधान अंगद पन देखी। भय ब्याकुल सब भए बिसेषी॥ ७ ॥
अर्थ
अंगद का प्रण [सफल] देखकर सब राक्षस भय से अत्यन्त ही व्याकुल हो गये।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “अंगद का लंका में रावण से संवाद” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा ३५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अंगद का लंका की सभा में रावण को सीता लौटाने और राम की शरण लेने का अंतिम अवसर देने का वर्णन है।
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अंगद का लंका में रावण से संवाद