गए जानि अंगद हनुमाना
गए जानि अंगद हनुमाना
चौपाई २, दोहा ४६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
गए जानि अंगद हनुमाना। फिरे भालु मर्कट भट नाना॥ जातुधान प्रदोष बल पाई। धाए करि दससीस दोहाई॥ २ ॥
अर्थ
अंगद और हनुमान को गये जानकर भालू और अनेक वानर वीर लौट पड़े। राक्षसों ने प्रदोष काल का बल पाकर रावण की दुहाई देते हुए धावा किया।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ४६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।
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युद्धारम्भ