एतना कपिन्ह सुना जब काना

चौपाई २, दोहा ६५ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

एतना कपिन्ह सुना जब काना। किलकिलाइ धाए बलवाना॥ लिए उठाइ बिटप अरु भूधर। कटकटाइ डारहिं ता ऊपर॥ २ ॥

अर्थ

वानरों ने जब कानों से इतना सुना, तब वे बलवान् किलकिलाकर (हर्षध्वनि करके) दौड़े। वृक्ष और पर्वत [उखाड़कर] उठा लिये और [क्रोध से] दाँत कटकटाकर उन्हें उसके ऊपर डालने लगे।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “कुंभकर्ण युद्ध और उसकी परमगति” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ६५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कुंभकर्ण के प्रचंड पराक्रम और श्रीराम के हाथों उसकी परमगति का वर्णन है।

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कुंभकर्ण युद्ध और उसकी परमगति