एकु एकु निसिचर गहि पुनि कपि
एकु एकु निसिचर गहि पुनि कपि
दोहा ४१ · लंकाकाण्ड
दोहा पाठ
एकु एकु निसिचर गहि पुनि कपि चले पराइ। ऊपर आपु हेठ भट गिरहिं धरनि पर आइ॥ ४१ ॥
अर्थ
फिर एक-एक राक्षस को पकड़कर वे वानर भाग चले। ऊपर आप, नीचे भट—इस प्रकार वे धरती पर आ गिरते हैं।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का दोहा ४१ है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।
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युद्धारम्भ