देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा
देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा
चौपाई १, दोहा ८९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
देवन्ह प्रभुहि पयादें देखा। उपजा उर अति छोभ बिसेषा॥ सुरपति निज रथ तुरत पठावा। हरष सहित मातलि लै आवा॥ १ ॥
अर्थ
देवताओं ने प्रभु को पैदल (बिना सवारी के युद्ध करते) देखा, तो उनके हृदय में बड़ा भारी क्षोभ (दुःख) उत्पन्न हुआ। इन्द्र ने तुरंत अपना रथ भेज दिया। उसका सारथि मातलि हर्ष के साथ उसे ले आया।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में इंद्र के दिव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्रीराम और रावण का घोर युद्ध का वर्णन है।
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इंद्र का दिव्य रथ, राम-रावण युद्ध