देखि पवनसुत धायउ बोलत बचन कठोर

दोहा ८३ · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

देखि पवनसुत धायउ बोलत बचन कठोर। आवत कपिहि हन्यो तेहिं मुष्टि प्रहार प्रघोर॥ ८३ ॥

अर्थ

यह देखकर पवनपुत्र हनुमानजी कठोर वचन बोलते हुए दौड़े। हनुमानजी के आते ही रावण ने उन पर अत्यन्त भयकर घूँसे का प्रहार किया।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “लक्ष्मण-रावण युद्ध” प्रकरण का दोहा ८३ है। इस प्रकरण में लक्ष्मण और रावण के बीच भीषण युद्ध तथा अस्त्र-शस्त्रों के प्रचंड प्रहार का वर्णन है।

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लक्ष्मण-रावण युद्ध